
ग्राम पंचायत खैरमडल के नाका पिंरई मैं ऐतिहासिक रूप से से मनाया गया भुजलिया पर

*भुजलिया पर्व पर आदिवासियों ने किया सांस्कृतिक डंडार शैला नृत्य*
*ग्राम नाका पिंडरई कला ग्राम पंचायत खैरमंडल सेवा जोहार करती हैं l*
*दिनांक _20/08/2024 दिन मंगलवार*
*जुन्नारदेव __ब्लॉक के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत खैरमंडल के अंर्तगत (ढाना नाका पिंडरई) के तत्वाधान में हर्षोल्लास के साथ इस वर्ष भी पारंपरिक आदिवासी संस्कृति के साथ भुजरिया पर्व खुशी के माहौल में मनाया। इस अवसर पर आदिवासी युवाओं की टोली ने सांस्कृतिक डंडार शैला नृत्य किया और ग्राम में भ्रमण किया ओर साथ में माता दाई के द्वार पर भुजालिया भेंट चढ़ाएं रक्षाबंधन के बाद गांव में भुजरिया पर्व मनाया जाता है भुजरिया पर्व के पावन मौके पर हनुमान मंदिर के पास भुजलिया नदी में विसर्जन किया। इस त्यौहार में शामिल होने के लिए आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोग भी पहुंचते हैं जैसे ग्राम नगर के आदरणीय तिरू.गोंडी पुनेम भुमका रमेश धुर्वे दादा, तिरु.भोलाराम परतेती (शिक्षक), (परसू धुर्वे, बिरीलाल उईके, परसलाल धुर्वे नगरी भूमका) अमलशा मासाब,(उपसरपंच इतरलाल परतेती) (दिलीप धुर्वे, हरिकिशोर धुर्वे, लखमू धुर्वे, दिनेश परतेती, गुरुदयाल वाडिवा, जितेंद्र परतेती, हरिराम (मोटू)परतेती,सोहन परते राजेंद्र परतेती, संजय धुर्वे, झिंगुर धुर्वे, जगदीश जेटू धुर्वे) (महिला_भूतेबाई, शिकला बाई, समलवती, कमली बाई, सुनीता परते, रंजीता परते, ठेकेदारन अम्मा, जंगलों बाई मलखो)एवं समस्त मातृ शक्ति आदिवासियों में यहां इस दिन सारे गिले-शिकवे भूलकर एकदूसरे से गले मिलकर पर्व को खुषियों के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर ग्राम कोटवार नत्थन डेहरिया सभी गांव महिला पुरुष उपस्थित रहे समस्त ग्रामवासी नाका पिंडरई टीम की ओर से सेवा जोहार जय सेवा जय जोहार जय मूलनिवासी जय आदिवासी*






